पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110 वीं जयंती के अवसर पर मेरा युवा भारत (माय भारत), जिला विदिशा के तत्वावधान में सिरोंज स्थित एबीसीडी कोचिंग संस्थान में गत दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला युवा अधिकारी श्री अभिषेक भारद्वाज के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों व अन्य अतिथियों द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। उपस्थित अतिथियों का पुष्पमालाओं एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन, उनके विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर वक्ताओं द्वारा प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री नीलम सिंह यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन-वृत्त एवं उनके विचारों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जीवन राष्ट्र एवं समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उनके विचारों में समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और राष्ट्र को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की भावना प्रमुख रही।

पंडित प्रशांत पालीवाल ने अपने उद्बोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद एवं अंत्योदय के विचारों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने भारत की परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी चिंतन को महत्व दिया। उनके द्वारा प्रतिपादित ‘ एकात्म मानववाद ’ में समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास की अवधारणा निहित है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय की भावना के तहत समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के विकास और कल्याण को प्राथमिकता देने का विचार सामने रखा गया।

उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के सार्वजनिक जीवन, उनके संगठनात्मक योगदान तथा भारतीय जनसंघ की स्थापना में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान विचारक एवं राष्ट्रसेवी के जीवन और विचारों से युवा पीढ़ी को परिचित कराना आवश्यक है।

बालिकाओं ने प्रस्तुत किए भाषण, चित्रकला प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा

कार्यक्रम में उपस्थित बालिकाओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन एवं विचारों पर भाषण प्रस्तुत किए। बालिकाओं ने उनके व्यक्तित्व, राष्ट्र सेवा, एकात्म मानववाद और अंत्योदय की अवधारणा को अपने शब्दों में प्रस्तुत किया। भाषण के माध्यम से विद्यार्थियों ने उनके विचारों को समझने और उन्हें समाज के सामने रखने का प्रयास किया।

इस अवसर पर चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के व्यक्तित्व एवं विचारों पर आधारित सुंदर चित्र बनाए। उत्कृष्ट चित्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालक-बालिकाओं की सहभागिता रही। आयोजन के माध्यम से युवाओं को देश के प्रमुख विचारकों एवं राष्ट्रसेवियों के जीवन से परिचित कराने तथा उनके विचारों को समझने का अवसर मिला।