विदिशा जिले के पीपलखेड़ा ग्राम की श्रीमती स्वाति बैरागी आजीविका मिशन से जुड़कर आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई हैं। उन्होंने स्व-सहायता समूह के माध्यम से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि अपने परिवार के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव लाया है।

स्वाति बैरागी लक्ष्मी नारायण स्व-सहायता समूह का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने अपनी आजीविका बढ़ाने के लिए तीन प्रमुख गतिविधियों को अपनाया। सबसे पहले उन्होंने नाश्ते की एक छोटी दुकान शुरू की, जहां स्थानीय लोगों को स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण नाश्ता उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने सिलाई कार्य को भी आय का साधन बनाया। अपनी सिलाई मशीन के माध्यम से वे ग्रामीण महिलाओं और परिवारों के कपड़ों की सिलाई कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं।

इसके अलावा स्वाति कृषि सखी के रूप में भी कार्य कर रही हैं। इस भूमिका में वे किसानों को कृषि संबंधी जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान करती हैं, जिससे उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने में मदद मिलती है। उनकी सेवाओं का लाभ आसपास के कई किसान उठा रहे हैं।

इन तीनों गतिविधियों से स्वाति बैरागी को प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। यह आय उनके परिवार के दैनिक खर्चों, बच्चों की शिक्षा तथा अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

स्वाति बैरागी की सफलता यह दर्शाती है कि यदि महिलाओं को उचित अवसर, प्रशिक्षण और सहयोग मिले तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि समाज और परिवार के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उनकी कहानी अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।