सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामान्य वनमण्डल विदिशा के विभिन्न वन परिक्षेत्रों एवं विद्यालय परिसरों में आज पौधारोपण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अभियान का उद्देश्य जिले में हरित आवरण को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा प्रकृति संवर्धन के कार्यों को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ना रहा। इस दौरान वन अमले के साथ शिक्षकों, छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

डिपो लटेरी में वन अमले ने किया पौधारोपण

डिपो लटेरी में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में उत्तर एवं दक्षिण लटेरी वन परिक्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारियों सहित वन अमले ने पौधे रोपित किए। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के प्रति सहभागिता का संदेश दिया गया। वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने रोपित पौधों की नियमित देखरेख, सिंचाई एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

बरखेड़ा गंभीर में लगाए गए 25 फलदार एवं उपयोगी पौधे

वृत्त पुरा द्वितीय, बीट लखुली अंतर्गत ग्राम बरखेड़ा गंभीर स्थित शासकीय हाई स्कूल परिसर में सेवा संकल्प अभियान के तहत कुल 25 फलदार एवं उपयोगी प्रजातियों के पौधे रोपित किए गए। परिसर में आंवला, नीम, अमरूद, आम एवं बेलपत्र के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्र-छात्राओं तथा ग्रामीणों ने सहभागिता करते हुए पौधों के संरक्षण और पर्यावरण को बेहतर बनाने का संदेश दिया।

धमनोद स्कूल परिसर में विद्यार्थियों और नागरिकों ने किया पौधारोपण

विकासखण्ड एवं जिला विदिशा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमनोद में भी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों तथा स्थानीय नागरिकों ने पौधे रोपित किए। प्रतिभागियों ने विद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।

पौधों की देखभाल पर दिया गया जोर

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों में केवल पौधारोपण तक सीमित न रहते हुए रोपित पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई एवं सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में निरंतर सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को प्रकृति के संरक्षण और हरित आवरण बढ़ाने के लिए सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया गया।

“ एक पौधा आज, हरित भविष्य कल ” के संदेश के साथ आयोजित इन कार्यक्रमों ने सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता की भावना को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का कार्य किया।